माँ दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी है. कठोर तप और ध्यान की देवी है. इनकी उपसना नवरात्री के दूसरे दिन की जाती है. ब्रह्मचारिणी माँ पार्वती के जीवन काल का वो समय था जब वे भगवन शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थी. तपस्या के प्रथम चरण में उन्होंने केवल फलो का सेवन किया फिर बेल पत्र और अंत में निराहार रहकर कई वर्षों तक तप कर भगवन शिव को प्रसन्न किया। इनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाए हाथ में कमंडल है. Tuesday, 13 October 2015
माँ दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी है. कठोर तप और ध्यान की देवी है. इनकी उपसना नवरात्री के दूसरे दिन की जाती है. ब्रह्मचारिणी माँ पार्वती के जीवन काल का वो समय था जब वे भगवन शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थी. तपस्या के प्रथम चरण में उन्होंने केवल फलो का सेवन किया फिर बेल पत्र और अंत में निराहार रहकर कई वर्षों तक तप कर भगवन शिव को प्रसन्न किया। इनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाए हाथ में कमंडल है.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
दुर्गाजी महागौरी अवतार शंख और चंद्र के समान अत्यंत श्वेत वर्ण धारी माँ महागौरी माँ दुर्गा का आठवां स्वरुप है . नवरात्...
No comments:
Post a Comment